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राजस्थान कांग्रेस में संकट मोचक की भूमिका निभाने के बदले में आलाकमान ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन को राजस्थान का महासचिव प्रभारी बनाया है। सचिन पायलट की बगावत के बाद राजस्थान कांग्रेस में 35 दिनों तक चले सियासी घमासान में माकन पूरे समय गहलोत कैंप में आलाकमान के प्रतिनिधि के रूप में फ्रंट सीट पर रहे। इससे पहले वे राज्यसभा चुनावों के दौरान हुई बाड़ाबंदी में भी मौजूद रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार देर शाम अजय माकन को राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी जनरल सेक्रेटरी बनाने का ऐलान किया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के मुताबिक, माकन अविनाश पांडे की जगह लेंगे। कांग्रेस ने 3 मेंबर्स की कमेटी भी गठित की है। कमेटी में सीनियर पार्टी लीडर अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन शामिल हैं। कमेटी राजस्थान में हाल के मुद्दों को देखेगी और उसका समाधान तलाशेगी। माकन को नई जिम्मेदारी देने की 3 वजह 1. अजय माकन ने राज्य में जारी सियासी संकट के दौरान लगातार विधायकों से फीडबैक लिया। उसे आलाकमान तक भी पहुंचाया। अशोक गहलोत से माकन का पुराना नाता रहा है। माकन दिल्ली में सांसद थे, तब गहलोत एआईसीसी में महासचिव रह चुके हैं। वे 2013 में राजस्थान की स्क्रिनिंग कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। इस नाते वे राजस्थान कांग्रेस के ज्यादातर विधायकों और पदाधिकारियों से पहले से ही संपर्क में रहे हैं। 2. 56 साल के माकन को राहुल गांधी का काफी करीबी माना जाता है। यूपीए सरकार में वे केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। वे पार्टी प्रवक्ता भी रह चुके हैं। वे दो बार लोकसभा सांसद, दो बार केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 3. पायलट गुट ने प्रियंका गांधी से अविनाश पांडे को हटाने की मांग रखी थी। अविनाश पांडे सत्ता और संगठन में नहीं बैठा पाए तालमेल सीएम गहलाेत और कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच हाेने वाले विवादाें काे न ताे सुलझाया और न ही आलाकमान तक पहुंचाया। इससे केंद्रीय नेतृत्व पांडे से नाराज रहा। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जनवरी में ही सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए आठ सदस्यीय समन्वय समिति का गठन भी किया था, जिसका अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे को बनाया गया था। लेकिन पांडे ने समन्वय बनाने के लिए कभी मीटिंग नहीं बुलाई। डेढ़ साल से पांडे राजनीतिक नियुक्तियां नहीं करा पाए। किसने क्या कहा? पीसीसी अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि अजय माकन को कांग्रेस महासचिव इंचार्ज राजस्थान बनने पर बहुत बहुत बधाई। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ निश्चित रूप से राजस्थान में सत्ता और संगठन को मिलेगा। एआईसीसी महासचिव, अविनाश पांडे ने कहा, सीएम गहलोत और सचिन पायलट और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ काम करते हुए सकारात्मक अनुभव रहे। सभी की एकता के चलते 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं। ये खबर भी पढ़ें अजय माकन को कांग्रेस का प्रभारी जनरल सेक्रेटरी बनाया गया; 3 मेंबर्स की कमेटी का भी गठन आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें यह फोटो 27 जुलाई की है। राज्य में चले 36 दिन के सियासी संकट के दौरान अजय माकन (बाएं) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ दिखे। लगातार विधायकों से फीडबैक लिया। उसे आलाकमान तक भी पहुंचाया। दोनों के बीच अच्छा तालमेल दिखा।- फाइल फोटो https://ift.tt/2Q0rRAt Dainik Bhaskar संकटमोचक की भूमिका के बदले में अजय माकन को मिली राजस्थान की कमान, राज्यसभा चुनावों में भी की थी बाड़ेबंदी

राजस्थान कांग्रेस में संकट मोचक की भूमिका निभाने के बदले में आलाकमान ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन को राजस्थान का महासचिव प्रभारी बनाया है। सचिन पायलट की बगावत के बाद राजस्थान कांग्रेस में 35 दिनों तक चले सियासी घमासान में माकन पूरे समय गहलोत कैंप में आलाकमान के प्रतिनिधि के रूप में फ्रंट सीट पर रहे। इससे पहले वे राज्यसभा चुनावों के दौरान हुई बाड़ाबंदी में भी मौजूद रहे थे।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार देर शाम अजय माकन को राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी जनरल सेक्रेटरी बनाने का ऐलान किया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के मुताबिक, माकन अविनाश पांडे की जगह लेंगे। कांग्रेस ने 3 मेंबर्स की कमेटी भी गठित की है। कमेटी में सीनियर पार्टी लीडर अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन शामिल हैं। कमेटी राजस्थान में हाल के मुद्दों को देखेगी और उसका समाधान तलाशेगी।

माकन को नई जिम्मेदारी देने की 3 वजह
1.
अजय माकन ने राज्य में जारी सियासी संकट के दौरान लगातार विधायकों से फीडबैक लिया। उसे आलाकमान तक भी पहुंचाया। अशोक गहलोत से माकन का पुराना नाता रहा है। माकन दिल्ली में सांसद थे, तब गहलोत एआईसीसी में महासचिव रह चुके हैं। वे 2013 में राजस्थान की स्क्रिनिंग कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। इस नाते वे राजस्थान कांग्रेस के ज्यादातर विधायकों और पदाधिकारियों से पहले से ही संपर्क में रहे हैं।
2. 56 साल के माकन को राहुल गांधी का काफी करीबी माना जाता है। यूपीए सरकार में वे केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। वे पार्टी प्रवक्ता भी रह चुके हैं। वे दो बार लोकसभा सांसद, दो बार केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
3. पायलट गुट ने प्रियंका गांधी से अविनाश पांडे को हटाने की मांग रखी थी।

अविनाश पांडे सत्ता और संगठन में नहीं बैठा पाए तालमेल
सीएम गहलाेत और कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच हाेने वाले विवादाें काे न ताे सुलझाया और न ही आलाकमान तक पहुंचाया। इससे केंद्रीय नेतृत्व पांडे से नाराज रहा। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जनवरी में ही सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए आठ सदस्यीय समन्वय समिति का गठन भी किया था, जिसका अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे को बनाया गया था। लेकिन पांडे ने समन्वय बनाने के लिए कभी मीटिंग नहीं बुलाई। डेढ़ साल से पांडे राजनीतिक नियुक्तियां नहीं करा पाए।

किसने क्या कहा?

  • पीसीसी अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि अजय माकन को कांग्रेस महासचिव इंचार्ज राजस्थान बनने पर बहुत बहुत बधाई। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ निश्चित रूप से राजस्थान में सत्ता और संगठन को मिलेगा।
  • एआईसीसी महासचिव, अविनाश पांडे ने कहा, सीएम गहलोत और सचिन पायलट और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ काम करते हुए सकारात्मक अनुभव रहे। सभी की एकता के चलते 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

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यह फोटो 27 जुलाई की है। राज्य में चले 36 दिन के सियासी संकट के दौरान अजय माकन (बाएं) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ दिखे। लगातार विधायकों से फीडबैक लिया। उसे आलाकमान तक भी पहुंचाया। दोनों के बीच अच्छा तालमेल दिखा।- फाइल फोटो


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राजस्थान कांग्रेस में संकट मोचक की भूमिका निभाने के बदले में आलाकमान ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन को राजस्थान का महासचिव प्रभारी बनाया है। सचिन पायलट की बगावत के बाद राजस्थान कांग्रेस में 35 दिनों तक चले सियासी घमासान में माकन पूरे समय गहलोत कैंप में आलाकमान के प्रतिनिधि के रूप में फ्रंट सीट पर रहे। इससे पहले वे राज्यसभा चुनावों के दौरान हुई बाड़ाबंदी में भी मौजूद रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार देर शाम अजय माकन को राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी जनरल सेक्रेटरी बनाने का ऐलान किया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के मुताबिक, माकन अविनाश पांडे की जगह लेंगे। कांग्रेस ने 3 मेंबर्स की कमेटी भी गठित की है। कमेटी में सीनियर पार्टी लीडर अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन शामिल हैं। कमेटी राजस्थान में हाल के मुद्दों को देखेगी और उसका समाधान तलाशेगी। माकन को नई जिम्मेदारी देने की 3 वजह 1. अजय माकन ने राज्य में जारी सियासी संकट के दौरान लगातार विधायकों से फीडबैक लिया। उसे आलाकमान तक भी पहुंचाया। अशोक गहलोत से माकन का पुराना नाता रहा है। माकन दिल्ली में सांसद थे, तब गहलोत एआईसीसी में महासचिव रह चुके हैं। वे 2013 में राजस्थान की स्क्रिनिंग कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। इस नाते वे राजस्थान कांग्रेस के ज्यादातर विधायकों और पदाधिकारियों से पहले से ही संपर्क में रहे हैं। 2. 56 साल के माकन को राहुल गांधी का काफी करीबी माना जाता है। यूपीए सरकार में वे केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। वे पार्टी प्रवक्ता भी रह चुके हैं। वे दो बार लोकसभा सांसद, दो बार केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 3. पायलट गुट ने प्रियंका गांधी से अविनाश पांडे को हटाने की मांग रखी थी। अविनाश पांडे सत्ता और संगठन में नहीं बैठा पाए तालमेल सीएम गहलाेत और कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच हाेने वाले विवादाें काे न ताे सुलझाया और न ही आलाकमान तक पहुंचाया। इससे केंद्रीय नेतृत्व पांडे से नाराज रहा। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जनवरी में ही सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए आठ सदस्यीय समन्वय समिति का गठन भी किया था, जिसका अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे को बनाया गया था। लेकिन पांडे ने समन्वय बनाने के लिए कभी मीटिंग नहीं बुलाई। डेढ़ साल से पांडे राजनीतिक नियुक्तियां नहीं करा पाए। किसने क्या कहा? पीसीसी अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि अजय माकन को कांग्रेस महासचिव इंचार्ज राजस्थान बनने पर बहुत बहुत बधाई। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ निश्चित रूप से राजस्थान में सत्ता और संगठन को मिलेगा। एआईसीसी महासचिव, अविनाश पांडे ने कहा, सीएम गहलोत और सचिन पायलट और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ काम करते हुए सकारात्मक अनुभव रहे। सभी की एकता के चलते 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं। ये खबर भी पढ़ें अजय माकन को कांग्रेस का प्रभारी जनरल सेक्रेटरी बनाया गया; 3 मेंबर्स की कमेटी का भी गठन आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें यह फोटो 27 जुलाई की है। राज्य में चले 36 दिन के सियासी संकट के दौरान अजय माकन (बाएं) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ दिखे। लगातार विधायकों से फीडबैक लिया। उसे आलाकमान तक भी पहुंचाया। दोनों के बीच अच्छा तालमेल दिखा।- फाइल फोटो https://ift.tt/2Q0rRAt Dainik Bhaskar संकटमोचक की भूमिका के बदले में अजय माकन को मिली राजस्थान की कमान, राज्यसभा चुनावों में भी की थी बाड़ेबंदी 

राजस्थान कांग्रेस में संकट मोचक की भूमिका निभाने के बदले में आलाकमान ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन को राजस्थान का महासचिव प्रभारी बनाया है। सचिन पायलट की बगावत के बाद राजस्थान कांग्रेस में 35 दिनों तक चले सियासी घमासान में माकन पूरे समय गहलोत कैंप में आलाकमान के प्रतिनिधि के रूप में फ्रंट सीट पर रहे। इससे पहले वे राज्यसभा चुनावों के दौरान हुई बाड़ाबंदी में भी मौजूद रहे थे।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार देर शाम अजय माकन को राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी जनरल सेक्रेटरी बनाने का ऐलान किया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के मुताबिक, माकन अविनाश पांडे की जगह लेंगे। कांग्रेस ने 3 मेंबर्स की कमेटी भी गठित की है। कमेटी में सीनियर पार्टी लीडर अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन शामिल हैं। कमेटी राजस्थान में हाल के मुद्दों को देखेगी और उसका समाधान तलाशेगी।

माकन को नई जिम्मेदारी देने की 3 वजह
1. अजय माकन ने राज्य में जारी सियासी संकट के दौरान लगातार विधायकों से फीडबैक लिया। उसे आलाकमान तक भी पहुंचाया। अशोक गहलोत से माकन का पुराना नाता रहा है। माकन दिल्ली में सांसद थे, तब गहलोत एआईसीसी में महासचिव रह चुके हैं। वे 2013 में राजस्थान की स्क्रिनिंग कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। इस नाते वे राजस्थान कांग्रेस के ज्यादातर विधायकों और पदाधिकारियों से पहले से ही संपर्क में रहे हैं।
2. 56 साल के माकन को राहुल गांधी का काफी करीबी माना जाता है। यूपीए सरकार में वे केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। वे पार्टी प्रवक्ता भी रह चुके हैं। वे दो बार लोकसभा सांसद, दो बार केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
3. पायलट गुट ने प्रियंका गांधी से अविनाश पांडे को हटाने की मांग रखी थी।

अविनाश पांडे सत्ता और संगठन में नहीं बैठा पाए तालमेल
सीएम गहलाेत और कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच हाेने वाले विवादाें काे न ताे सुलझाया और न ही आलाकमान तक पहुंचाया। इससे केंद्रीय नेतृत्व पांडे से नाराज रहा। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जनवरी में ही सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए आठ सदस्यीय समन्वय समिति का गठन भी किया था, जिसका अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे को बनाया गया था। लेकिन पांडे ने समन्वय बनाने के लिए कभी मीटिंग नहीं बुलाई। डेढ़ साल से पांडे राजनीतिक नियुक्तियां नहीं करा पाए।

किसने क्या कहा?

पीसीसी अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि अजय माकन को कांग्रेस महासचिव इंचार्ज राजस्थान बनने पर बहुत बहुत बधाई। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ निश्चित रूप से राजस्थान में सत्ता और संगठन को मिलेगा।

एआईसीसी महासचिव, अविनाश पांडे ने कहा, सीएम गहलोत और सचिन पायलट और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ काम करते हुए सकारात्मक अनुभव रहे। सभी की एकता के चलते 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

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अजय माकन को कांग्रेस का प्रभारी जनरल सेक्रेटरी बनाया गया; 3 मेंबर्स की कमेटी का भी गठन

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यह फोटो 27 जुलाई की है। राज्य में चले 36 दिन के सियासी संकट के दौरान अजय माकन (बाएं) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ दिखे। लगातार विधायकों से फीडबैक लिया। उसे आलाकमान तक भी पहुंचाया। दोनों के बीच अच्छा तालमेल दिखा।- फाइल फोटो

https://ift.tt/2Q0rRAt Dainik Bhaskar संकटमोचक की भूमिका के बदले में अजय माकन को मिली राजस्थान की कमान, राज्यसभा चुनावों में भी की थी बाड़ेबंदी Reviewed by Manish Pethev on August 17, 2020 Rating: 5

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