क्या हो रहा है वायरल: सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है। फोटो को फ्रांस में पैगंबर का कार्टून दिखाने पर हुए कत्ल की घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। फोटो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि फ्रांस से मुस्लिम समुदाय के लोगों को बाहर कर दिया गया है। धार्मिक टकराव के कारण दो सप्ताह के अंदर फ्रांस में दो हमले हो चुके हैं। पहले क्लास में विवादित कार्टून दिखाने वाले टीचर का सिर उन्हीं के छात्र ने कलम कर दिया। इसके बाद नीस शहर में चर्च के बाहर चाकू मारकर एक महिला समेत तीन लोगों की हत्या कर दी गई। फ्रांस में शांतिदूतों के विरुद्ध अब ईसाइयों का गुस्सा फूट पड़ा है। बकरा दाढ़ी वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा जा रहा है😜🤣 आप भी तैयार रहे आपको भी अपने देश में एक ऐसी लड़ाई लड़ने की आवश्यकता पड़ेगी.. pic.twitter.com/hnyEUuqRBJ — Anuj Singh Singh (@AnujSinghSing15) November 3, 2020 और सच क्या है? इंटरनेट पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि वायरल फोटो के साथ किया जा रहा दावा सही है। वायरल फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें जनवरी, 2019 के एक आर्टिकल में भी यही फोटो मिली। जिससे साफ होता है कि फोटो का फ्रांस में चल रहे हालिया विवाद से कोई संबंध नहीं है। Getty Images की वेबसाइट पर भी हमें यही फोटो मिली। कैप्शन से पता चलता है कि फोटो 10 जून 2015 को तुर्की के सनलीउर्फा की है। जब सीरिया के लोग रास-अल-ऐन में चल रहे संघर्ष से बचने के लिए बॉर्डर के रास्ते तुर्की में घुस रहे थे। साफ है कि सीरिया से पलायन कर रहे लोगों की फोटो को सोशल मीडिया पर फ्रांस का मुस्लिम बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Fact Check: People from Muslim community excluded from France? Know the truth of viral photos https://ift.tt/364V0ST Dainik Bhaskar मुस्लिम समुदाय के लोगों को फ्रांस से बाहर किया जा रहा ? जानें वायरल फोटो का सच
क्या हो रहा है वायरल: सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है। फोटो को फ्रांस में पैगंबर का कार्टून दिखाने पर हुए कत्ल की घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। फोटो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि फ्रांस से मुस्लिम समुदाय के लोगों को बाहर कर दिया गया है।
धार्मिक टकराव के कारण दो सप्ताह के अंदर फ्रांस में दो हमले हो चुके हैं। पहले क्लास में विवादित कार्टून दिखाने वाले टीचर का सिर उन्हीं के छात्र ने कलम कर दिया। इसके बाद नीस शहर में चर्च के बाहर चाकू मारकर एक महिला समेत तीन लोगों की हत्या कर दी गई।
फ्रांस में शांतिदूतों के विरुद्ध अब ईसाइयों का गुस्सा फूट पड़ा है।
— Anuj Singh Singh (@AnujSinghSing15) November 3, 2020
बकरा दाढ़ी वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा जा रहा है😜🤣
आप भी तैयार रहे आपको भी अपने देश में एक ऐसी लड़ाई लड़ने की आवश्यकता पड़ेगी.. pic.twitter.com/hnyEUuqRBJ
और सच क्या है?
- इंटरनेट पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि वायरल फोटो के साथ किया जा रहा दावा सही है।
- वायरल फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें जनवरी, 2019 के एक आर्टिकल में भी यही फोटो मिली। जिससे साफ होता है कि फोटो का फ्रांस में चल रहे हालिया विवाद से कोई संबंध नहीं है।

- Getty Images की वेबसाइट पर भी हमें यही फोटो मिली। कैप्शन से पता चलता है कि फोटो 10 जून 2015 को तुर्की के सनलीउर्फा की है। जब सीरिया के लोग रास-अल-ऐन में चल रहे संघर्ष से बचने के लिए बॉर्डर के रास्ते तुर्की में घुस रहे थे।
- साफ है कि सीरिया से पलायन कर रहे लोगों की फोटो को सोशल मीडिया पर फ्रांस का मुस्लिम बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
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