Facebook SDK

Recent Posts

test

दिवाली के त्योहार से पहले खूब हल्ला मचा। शोर हुआ कि दिवाली ने कोरोना बढ़ा दिया। पाबंदियां लगनी शुरू हुईं। नेता और जिम्मेदार कहने लगे कि दिवाली में जो ढिलाई मिली, उसकी वजह से संक्रमण की रफ्तार फिर तेज हो गई। लेकिन क्या वाकई ऐसा हुआ? 5 राज्यों को छोड़कर बाकी देश के आंकड़े तो इसको नकारते भी हैं और मानते भी हैं। मानते इसलिए हैं क्योंकि दिवाली से 15 दिन पहले यानी 1 से 14 नवंबर तक रोजाना औसतन 45 हजार 454 नए मामले आ रहे थे। और नकारते इसलिए हैं क्योंकि 15 से 30 नवंबर के बीच रोज औसतन 41 हजार 292 संक्रमित सामने आए। दिवाली के बाद कोरोना से होने वाली मौतों में भी कमी आई। दिवाली से पहले हर दिन औसतन 541 मौतें हो रही थीं। दिवाली के बाद हर दिन औसतन होने वाली मौतें घटकर 502 हो गईं। हालांकि, चिंता का भी एक कारण है। क्योंकि दिवाली से पहले कोरोना से हर दिन ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा थी, जो दिवाली के बाद कम हो गई। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम होने का मतलब है एक्टिव केस में बढ़ोतरी होना। पहले 4 ग्राफिक्स में समझते हैं दिवाली से पहले और दिवाली के बाद कोरोना के मामले कितने बढ़े या घटे? मौतों में कितनी गिरावट आई? मरीज कितने ठीक हुए? टेस्टिंग कितनी हुई? 5 ग्राफिक्स में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित टॉप-5 राज्यों का हाल अब बात उन राज्यों की, जहां मामले बढ़े और शोर मचा कि दिवाली ने कोरोना बढ़ाया हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक नवंबर के महीने में देश के 5 राज्यों में कोरोना के मामलों में रफ्तार देखी गई। ये 5 राज्य थे- पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान। इन 5 राज्यों के अलावा दिल्ली भी ऐसा था, जहां नवंबर में न सिर्फ कोरोना के मामले बढ़े, बल्कि इससे होने वाली मौतें भी बढ़ गईं। दिवाली की वजह से कोरोना के मामले बढ़ने का सबसे ज्यादा हल्ला दिल्ली में मचा। वहां के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था, दिवाली के दौरान बाजारों में लोगों की लापरवाही सामने आई। खरीदारी करते समय न तो लोगों ने मास्क लगाया और न ही डिस्टेंसिंग का पालन किया। दिल्ली में दिवाली से पहले यानी 1 से 14 नवंबर तक रोजाना औसतन 6 हजार 202 नए संक्रमित मिल रहे थे। दिवाली के बाद 15 से 30 नवंबर के बीच यहां रोजाना औसतन 5 हजार 512 मरीज मिले। मरीजों की संख्या भले ही कम हुई हो, लेकिन मौतें बढ़ गईं। दिवाली से पहले यहां रोज औसतन 70 जानें जा रही थीं, जो दिवाली के बाद बढ़कर 103 हो गईं। वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में दिवाली के बाद रोज आने वाले नए मामले और मौतें बढ़ गईं। मध्य प्रदेश में दिवाली के बाद हर दिन औसतन 1 हजार 388 मामले मिले और 11 मौतें हुईं। यहां दिवाली से पहले हर दिन औसतन 790 मामले आ रहे थे और 9 मौतें हो रही थीं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Delhi Coronavirus Cases Vs Karnataka Andhra Pradesh Tamil Nadu Kerala | COVID Cases After Diwali Latest Update https://ift.tt/3gdYJSV Dainik Bhaskar शोर था कि दिवाली ने कोरोना बढ़ाया, पर 5 राज्यों को छोड़कर देश में घटते गए केस; दिल्ली में केस तो नहीं, मौतें बढ़ीं

दिवाली के त्योहार से पहले खूब हल्ला मचा। शोर हुआ कि दिवाली ने कोरोना बढ़ा दिया। पाबंदियां लगनी शुरू हुईं। नेता और जिम्मेदार कहने लगे कि दिवाली में जो ढिलाई मिली, उसकी वजह से संक्रमण की रफ्तार फिर तेज हो गई। लेकिन क्या वाकई ऐसा हुआ? 5 राज्यों को छोड़कर बाकी देश के आंकड़े तो इसको नकारते भी हैं और मानते भी हैं।

मानते इसलिए हैं क्योंकि दिवाली से 15 दिन पहले यानी 1 से 14 नवंबर तक रोजाना औसतन 45 हजार 454 नए मामले आ रहे थे। और नकारते इसलिए हैं क्योंकि 15 से 30 नवंबर के बीच रोज औसतन 41 हजार 292 संक्रमित सामने आए। दिवाली के बाद कोरोना से होने वाली मौतों में भी कमी आई। दिवाली से पहले हर दिन औसतन 541 मौतें हो रही थीं। दिवाली के बाद हर दिन औसतन होने वाली मौतें घटकर 502 हो गईं।

हालांकि, चिंता का भी एक कारण है। क्योंकि दिवाली से पहले कोरोना से हर दिन ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा थी, जो दिवाली के बाद कम हो गई। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम होने का मतलब है एक्टिव केस में बढ़ोतरी होना।

पहले 4 ग्राफिक्स में समझते हैं दिवाली से पहले और दिवाली के बाद कोरोना के मामले कितने बढ़े या घटे? मौतों में कितनी गिरावट आई? मरीज कितने ठीक हुए? टेस्टिंग कितनी हुई?

5 ग्राफिक्स में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित टॉप-5 राज्यों का हाल

अब बात उन राज्यों की, जहां मामले बढ़े और शोर मचा कि दिवाली ने कोरोना बढ़ाया

  • हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक नवंबर के महीने में देश के 5 राज्यों में कोरोना के मामलों में रफ्तार देखी गई। ये 5 राज्य थे- पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान। इन 5 राज्यों के अलावा दिल्ली भी ऐसा था, जहां नवंबर में न सिर्फ कोरोना के मामले बढ़े, बल्कि इससे होने वाली मौतें भी बढ़ गईं।
  • दिवाली की वजह से कोरोना के मामले बढ़ने का सबसे ज्यादा हल्ला दिल्ली में मचा। वहां के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था, दिवाली के दौरान बाजारों में लोगों की लापरवाही सामने आई। खरीदारी करते समय न तो लोगों ने मास्क लगाया और न ही डिस्टेंसिंग का पालन किया।
  • दिल्ली में दिवाली से पहले यानी 1 से 14 नवंबर तक रोजाना औसतन 6 हजार 202 नए संक्रमित मिल रहे थे। दिवाली के बाद 15 से 30 नवंबर के बीच यहां रोजाना औसतन 5 हजार 512 मरीज मिले। मरीजों की संख्या भले ही कम हुई हो, लेकिन मौतें बढ़ गईं। दिवाली से पहले यहां रोज औसतन 70 जानें जा रही थीं, जो दिवाली के बाद बढ़कर 103 हो गईं।
  • वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में दिवाली के बाद रोज आने वाले नए मामले और मौतें बढ़ गईं। मध्य प्रदेश में दिवाली के बाद हर दिन औसतन 1 हजार 388 मामले मिले और 11 मौतें हुईं। यहां दिवाली से पहले हर दिन औसतन 790 मामले आ रहे थे और 9 मौतें हो रही थीं।


आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Delhi Coronavirus Cases Vs Karnataka Andhra Pradesh Tamil Nadu Kerala | COVID Cases After Diwali Latest Update


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3mCJ6GI
via IFTTT
दिवाली के त्योहार से पहले खूब हल्ला मचा। शोर हुआ कि दिवाली ने कोरोना बढ़ा दिया। पाबंदियां लगनी शुरू हुईं। नेता और जिम्मेदार कहने लगे कि दिवाली में जो ढिलाई मिली, उसकी वजह से संक्रमण की रफ्तार फिर तेज हो गई। लेकिन क्या वाकई ऐसा हुआ? 5 राज्यों को छोड़कर बाकी देश के आंकड़े तो इसको नकारते भी हैं और मानते भी हैं। मानते इसलिए हैं क्योंकि दिवाली से 15 दिन पहले यानी 1 से 14 नवंबर तक रोजाना औसतन 45 हजार 454 नए मामले आ रहे थे। और नकारते इसलिए हैं क्योंकि 15 से 30 नवंबर के बीच रोज औसतन 41 हजार 292 संक्रमित सामने आए। दिवाली के बाद कोरोना से होने वाली मौतों में भी कमी आई। दिवाली से पहले हर दिन औसतन 541 मौतें हो रही थीं। दिवाली के बाद हर दिन औसतन होने वाली मौतें घटकर 502 हो गईं। हालांकि, चिंता का भी एक कारण है। क्योंकि दिवाली से पहले कोरोना से हर दिन ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा थी, जो दिवाली के बाद कम हो गई। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम होने का मतलब है एक्टिव केस में बढ़ोतरी होना। पहले 4 ग्राफिक्स में समझते हैं दिवाली से पहले और दिवाली के बाद कोरोना के मामले कितने बढ़े या घटे? मौतों में कितनी गिरावट आई? मरीज कितने ठीक हुए? टेस्टिंग कितनी हुई? 5 ग्राफिक्स में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित टॉप-5 राज्यों का हाल अब बात उन राज्यों की, जहां मामले बढ़े और शोर मचा कि दिवाली ने कोरोना बढ़ाया हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक नवंबर के महीने में देश के 5 राज्यों में कोरोना के मामलों में रफ्तार देखी गई। ये 5 राज्य थे- पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान। इन 5 राज्यों के अलावा दिल्ली भी ऐसा था, जहां नवंबर में न सिर्फ कोरोना के मामले बढ़े, बल्कि इससे होने वाली मौतें भी बढ़ गईं। दिवाली की वजह से कोरोना के मामले बढ़ने का सबसे ज्यादा हल्ला दिल्ली में मचा। वहां के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था, दिवाली के दौरान बाजारों में लोगों की लापरवाही सामने आई। खरीदारी करते समय न तो लोगों ने मास्क लगाया और न ही डिस्टेंसिंग का पालन किया। दिल्ली में दिवाली से पहले यानी 1 से 14 नवंबर तक रोजाना औसतन 6 हजार 202 नए संक्रमित मिल रहे थे। दिवाली के बाद 15 से 30 नवंबर के बीच यहां रोजाना औसतन 5 हजार 512 मरीज मिले। मरीजों की संख्या भले ही कम हुई हो, लेकिन मौतें बढ़ गईं। दिवाली से पहले यहां रोज औसतन 70 जानें जा रही थीं, जो दिवाली के बाद बढ़कर 103 हो गईं। वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में दिवाली के बाद रोज आने वाले नए मामले और मौतें बढ़ गईं। मध्य प्रदेश में दिवाली के बाद हर दिन औसतन 1 हजार 388 मामले मिले और 11 मौतें हुईं। यहां दिवाली से पहले हर दिन औसतन 790 मामले आ रहे थे और 9 मौतें हो रही थीं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Delhi Coronavirus Cases Vs Karnataka Andhra Pradesh Tamil Nadu Kerala | COVID Cases After Diwali Latest Update https://ift.tt/3gdYJSV Dainik Bhaskar शोर था कि दिवाली ने कोरोना बढ़ाया, पर 5 राज्यों को छोड़कर देश में घटते गए केस; दिल्ली में केस तो नहीं, मौतें बढ़ीं 

दिवाली के त्योहार से पहले खूब हल्ला मचा। शोर हुआ कि दिवाली ने कोरोना बढ़ा दिया। पाबंदियां लगनी शुरू हुईं। नेता और जिम्मेदार कहने लगे कि दिवाली में जो ढिलाई मिली, उसकी वजह से संक्रमण की रफ्तार फिर तेज हो गई। लेकिन क्या वाकई ऐसा हुआ? 5 राज्यों को छोड़कर बाकी देश के आंकड़े तो इसको नकारते भी हैं और मानते भी हैं।

मानते इसलिए हैं क्योंकि दिवाली से 15 दिन पहले यानी 1 से 14 नवंबर तक रोजाना औसतन 45 हजार 454 नए मामले आ रहे थे। और नकारते इसलिए हैं क्योंकि 15 से 30 नवंबर के बीच रोज औसतन 41 हजार 292 संक्रमित सामने आए। दिवाली के बाद कोरोना से होने वाली मौतों में भी कमी आई। दिवाली से पहले हर दिन औसतन 541 मौतें हो रही थीं। दिवाली के बाद हर दिन औसतन होने वाली मौतें घटकर 502 हो गईं।

हालांकि, चिंता का भी एक कारण है। क्योंकि दिवाली से पहले कोरोना से हर दिन ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा थी, जो दिवाली के बाद कम हो गई। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम होने का मतलब है एक्टिव केस में बढ़ोतरी होना।

पहले 4 ग्राफिक्स में समझते हैं दिवाली से पहले और दिवाली के बाद कोरोना के मामले कितने बढ़े या घटे? मौतों में कितनी गिरावट आई? मरीज कितने ठीक हुए? टेस्टिंग कितनी हुई?

5 ग्राफिक्स में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित टॉप-5 राज्यों का हाल

अब बात उन राज्यों की, जहां मामले बढ़े और शोर मचा कि दिवाली ने कोरोना बढ़ाया

हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक नवंबर के महीने में देश के 5 राज्यों में कोरोना के मामलों में रफ्तार देखी गई। ये 5 राज्य थे- पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान। इन 5 राज्यों के अलावा दिल्ली भी ऐसा था, जहां नवंबर में न सिर्फ कोरोना के मामले बढ़े, बल्कि इससे होने वाली मौतें भी बढ़ गईं।

दिवाली की वजह से कोरोना के मामले बढ़ने का सबसे ज्यादा हल्ला दिल्ली में मचा। वहां के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था, दिवाली के दौरान बाजारों में लोगों की लापरवाही सामने आई। खरीदारी करते समय न तो लोगों ने मास्क लगाया और न ही डिस्टेंसिंग का पालन किया।

दिल्ली में दिवाली से पहले यानी 1 से 14 नवंबर तक रोजाना औसतन 6 हजार 202 नए संक्रमित मिल रहे थे। दिवाली के बाद 15 से 30 नवंबर के बीच यहां रोजाना औसतन 5 हजार 512 मरीज मिले। मरीजों की संख्या भले ही कम हुई हो, लेकिन मौतें बढ़ गईं। दिवाली से पहले यहां रोज औसतन 70 जानें जा रही थीं, जो दिवाली के बाद बढ़कर 103 हो गईं।

वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में दिवाली के बाद रोज आने वाले नए मामले और मौतें बढ़ गईं। मध्य प्रदेश में दिवाली के बाद हर दिन औसतन 1 हजार 388 मामले मिले और 11 मौतें हुईं। यहां दिवाली से पहले हर दिन औसतन 790 मामले आ रहे थे और 9 मौतें हो रही थीं।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

Delhi Coronavirus Cases Vs Karnataka Andhra Pradesh Tamil Nadu Kerala | COVID Cases After Diwali Latest Update

https://ift.tt/3gdYJSV Dainik Bhaskar शोर था कि दिवाली ने कोरोना बढ़ाया, पर 5 राज्यों को छोड़कर देश में घटते गए केस; दिल्ली में केस तो नहीं, मौतें बढ़ीं Reviewed by Manish Pethev on December 03, 2020 Rating: 5

No comments:

If you have any suggestions please send me a comment.

Flickr

Powered by Blogger.